
नवगीत समारोह में महादेवी वर्मा के साथ डा.विनोद निगम

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के साथ डा।विनोद निगम


अपने मित्रों के साथ डा.विनोद निगम

कवि के प्रथम काव्य संकलन " जारी हैं लेकिन यात्राएँ" का विमोचन करते प्रख्यात नवगीतकार डा.ओमप्रभाकर

युवावस्था में डा.विनोद निगम

"अगली सदी हमारी होगी" का विमोचन करते मुख्यमंत्री श्री मोतीलाल वोरा

डा. शिव मंगल सिंह सुमन के साथ डा.विनोद निगम

उत्तर प्रदेश के एक काव्य समारोह में डा.विनोद निगम

महाविद्यालयीन छात्र डा.विनोद निगम

सेवा निवृत्ति के अवसर पर विदाई अभिनन्दन

डा.श्रीराम परिहार, डा.बुद्धिनाथ मिश्र,डा.माहेश्वर तिवारी,श्री सुरेश उपाध्याय,एवं मित्रों के साथ डा.विनोद निगम

विख्यात शायर डा.बशीर बद्र के साथ डा.विनोद निगम

स्वागत एवं अभिनन्दन से आभारी डा.विनोद निगम
सम्मतियाँ
विनोद निगम एक प्रखर और सिद्ध गीतकार हैं । , जारी हैं लेकिन यात्राएं , उनकी महत्वपूर्ण गीतात्मक उपलब्धि है। युग की धड़कनों को उन्होंने सुना है और नयी के निरर्थक शोर शराबे के बीच अपने गीतों में उन धड़कनों को स्वरबद्ध किया है। इससे उनके मौलिक काव्य व्यक्तित्व का पता चलता है, जो फैशन परस्ती और राजकीय प्रलोभनों की धारा में प्रवाह पतित नहीं हो सकता। तमाम बिना रीढ की हड्डी वाले कवियों के बीच से अपनी अलग राह बनाकर चलने वाले इस कवि ने कवि सम्मेलनी लिजलिजे गीतों के रचनाकारों से भिन्न अपनी स्वतन्त्र पहचान बनाई है।उनकी काव्यकृति नवगीत की
दिशा में एक सार्थक एवं मूल्यवान कदम है। विनोद आगे आने वाले वर्षों में नवगीत की धारा को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेंगे।
स्व, डाँ॑, शम्भुनाथ सिंह ,वाराणसी
विनोद निगम एक महत्वपूर्ण
गीतकार हैं,नवगीत विधा को
सम्पन्न करने में उन्होंने बहुत उल्लेखनीय कार्य किया हे।छन्द और गीत के प्रति उनकी आस्था की निरन्तरता सिद्ध
करती है कि कविता की ताजगी और कथ्य की सार्थकता के लिए अवसरवादी होना जरूरी नहीं है।इतिहास की मांग है कि नवगीत विधा को सम्पन्न करने का कठिन कार्य किया जाय। विनोद भाई इसे सफलता पूर्वक किये जा रहे हैं. उनकी यात्राएं जारी हैं, जारी रहेंगी।
स्व,श्री वीरेन्द्र मिश्र , बम्बई,
विनोद निगम एक प्रखर और सिद्ध गीतकार हैं । , जारी हैं लेकिन यात्राएं , उनकी महत्वपूर्ण गीतात्मक उपलब्धि है। युग की धड़कनों को उन्होंने सुना है और नयी के निरर्थक शोर शराबे के बीच अपने गीतों में उन धड़कनों को स्वरबद्ध किया है। इससे उनके मौलिक काव्य व्यक्तित्व का पता चलता है, जो फैशन परस्ती और राजकीय प्रलोभनों की धारा में प्रवाह पतित नहीं हो सकता। तमाम बिना रीढ की हड्डी वाले कवियों के बीच से अपनी अलग राह बनाकर चलने वाले इस कवि ने कवि सम्मेलनी लिजलिजे गीतों के रचनाकारों से भिन्न अपनी स्वतन्त्र पहचान बनाई है।उनकी काव्यकृति नवगीत की
दिशा में एक सार्थक एवं मूल्यवान कदम है। विनोद आगे आने वाले वर्षों में नवगीत की धारा को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेंगे।
स्व, डाँ॑, शम्भुनाथ सिंह ,वाराणसी
विनोद निगम एक महत्वपूर्ण
गीतकार हैं,नवगीत विधा को
सम्पन्न करने में उन्होंने बहुत उल्लेखनीय कार्य किया हे।छन्द और गीत के प्रति उनकी आस्था की निरन्तरता सिद्ध
करती है कि कविता की ताजगी और कथ्य की सार्थकता के लिए अवसरवादी होना जरूरी नहीं है।इतिहास की मांग है कि नवगीत विधा को सम्पन्न करने का कठिन कार्य किया जाय। विनोद भाई इसे सफलता पूर्वक किये जा रहे हैं. उनकी यात्राएं जारी हैं, जारी रहेंगी।
स्व,श्री वीरेन्द्र मिश्र , बम्बई,

शानदार नवगीत
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